गैरसैंण को ग्र्रीष्मकालीन राजधानी घोषित का उत्तराखण्ड में विरोध 

गैरसैंण को ग्र्रीष्मकालीन राजधानी घोषित का उत्तराखण्ड में विरोध 

गैरसैंण ग्रीष्मकालीन राजधानी अधिसूचना की प्रतियां फूंकी

देहरादून। चिन्हित राज्य आंदोलनकारी समिति के केन्द्रीय अध्यक्ष हरिकृष्ण भट्ट और महिला शाखा की अध्यक्ष सावित्री नेगी के नेतृत्व में अनेकों राज्य आंदोलनकारियों ने देहरादून में जन विरोधी, आंदोलनकारी विरोधी, शहीद विरोधी, गैरसैंण ग्रीष्मकालीन राजधानी अधिसूचना की प्रतियों को जलाया।
राज्य आंदोलनकारी ऐस्लेहाल चैक के पास एकत्रित हुए और प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए गैरसैंण ग्रीष्मकालीन राजधानी अधिसूचना की प्रतियां फूंकी। उन्होंने नारे लगाए ‘गैरसैण दूर नहीं स्थाई राजधानी से कम मंजूर नहीं’ उत्तराखंड के शहीद अमर रहे। चिन्हित राज्य आंदोलनकारी समिति के केंद्रीय मुख्य संरक्षक धीरेंद्र प्रताप के आह्वान पर ग्रीष्मकालीन राजधानी की घोषणा के राज्यव्यापी विरोध में आज राज्य में दो दर्जन से ज्यादा स्थानों पर जनविरोधी ग्रीष्मकालीन राजधानी की अधि सूचना को अग्नि को समर्पित किया गया। समिति के केंद्रीय मुख्य संरक्षक धीरेंद्र प्रताप, अध्यक्ष हरि कृष्ण भट्ट, महिला शाखा अध्यक्ष सावित्री नेगी और संगरक्षक जयप्रकाश उत्तराखंडी ने आंदोलनकारियों का आह्वान किया कि वह गैरसैंण को स्थाई राजधानी बनाने की मुहिम को जारी रखें व कल भी राज्य के तमाम हिस्सों में जनविरोधी, तुगलकी आदेश की प्रतियों को जलाना चारी रखें। धीरेंद्र प्रताप ने कहा कि हमारा अहिंसक आंदोलन है और हम शांतिपूर्ण लड़ाई लड़कर ही गैरसैंण को स्थाई राजधानी बनाकर रहेंगे। हरि कृष्ण भट्ट ने कहा कि जैसे ही कोरोना समाप्त होगा आंदोलनकारी समिति गैरसैंण को स्थाई राजधानी बनाने के समर्थन में देहरादून में विशाल रैली आयोजित करेगी। हरि कृष्ण भट्ट ने बताया कि वह कांग्रेस अध्यक्ष प्रीतम सिंह से भी मिले और उनके द्वारा गैरसैण को खुला समर्थन दिए जाने पर आभार व्यक्त किया।

गैरसैंण ग्रीष्मकालीन राजधानी जनता का ध्यान भटकाने के लिए शिगूफाः नैथानी 

देहरादून। पूर्व मंत्री व वरिष्ठ कांग्रेस नेता मंत्री प्रसाद नैथानी ने कहा कि उत्तराखंड की भाजपा सरकार ने जो ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण को घोषित किया वह उत्तराखंड आंदोलनकारी शहीदों की शहादत का अपमान है। गैरसैंण में विधानसभा भवन निर्माण से लेकर सचिवालय तथा गैरसैंण विकास परिषद के गठन से लेकर कांग्रेस की तत्कालीन हरीश रावत सरकार ने पूरा काम किया।
उन्होंने कहा कि वर्तमान भाजपा सरकार ने न तो कोई भवन बनाया बल्कि गैरसैंण की जमीन को कोई भी बाहर का व्यक्ति न खरीद पाए, उसको तोड़कर भू माफियाओं को गैरसैंण की जमीन खरीदने का द्वार खोल दिया। ग्रीष्मकालीन राजधानी मात्र अधिकारियों के सैर सपाटा और फिजूलखर्ची का स्रोत बन कर रह जाएगा। इसके गंभीर परिणाम आएंगे। भाजपा की प्रचंड बहुमत एवं डबल इंजन की सरकार होने के बावजूद भी उसके विकास को धरातल पर लाने की नीयत साफ नहीं है। इस समय पूरा प्रदेश कोरोना महामारी की चपेट में है। ऐसे समय में जनता को महामारी से बचाने के बजाय ग्रीष्मकालीन राजधानी की बात करना कहां तक उचित है, और अगर करना ही था तो पूर्ण राजधानी की बात करते। यह तो वही बात आ गई कि आसमान से टपके और खजूर पर अटके। कांग्रेस इस बात का विरोध करते हुए पूर्ण राजधानी का समर्थन करती है।
  • वहीं दूसरी ओर उत्तराखण्ड चिन्हित राज्य आन्दोलनकारी समिति के कार्यकर्ताओं ने समिति की महिला शाखा की केन्द्रीय अध्यक्ष सावित्री नेगी के नेतृत्व में आज देहरादून में राज्य सरकार द्वारा गैरसंैण को ग्रीष्मकालीन राजधानी घोषित किये जाने संबंधी अधिसूचना पर विरोध दर्ज किया।
चिन्हित राज्य आन्दोलनकारी समिति की अध्यक्ष सावित्री नेगी के नेतृत्व में आये प्रतिनिधिमण्डल जिसमें बिमला रावत, गुड्डी रावत, लक्ष्मी गुसांई, शामिल थे, ने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह के नाम संबोधित पत्र पार्टी के प्रदेश महामंत्री संगठन विजय सारस्वत को सौंपते हुए कांग्रेस पार्टी की सरकार बनने पर गैरसैण को स्थायी राजधानी बनाये जाने के प्रीतम सिंह के बयान को आन्दोलनकारियों की भावनाओं का सम्मान बताते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया। इस अवसर पर पुरोला विधायक राजकुमार, पूर्व विधायक विक्रम सिंह नेगी, पूर्व मंत्री अजय सिह, विशेष आमंत्रित सदस्य सुभाष चैधरी, निवर्तमान मीडिया चेयरमैन राजीव महर्षि, महामंत्री पी.के. अग्रवाल, नवीन जोशी, हरिकृष्ण भट्ट, निवर्तमान प्रवक्ता गरिमा दसौनी, संदीप चमोली, भूपेन्द्र नेगी, कमर खान ताबी, अजय रावत, पुष्कर सारस्वत, शोभाराम आदि उपस्थित थे।
इस अवसर पर प्रदेश महामंत्री संगठन विजय सारस्वत ने कहा कि गैरसंैण में राजधानी बुनियादी ढांचा तथा भवन निर्माण का कार्य कांग्रेस पार्टी की देन है तथा कांग्रेस पार्टी कीे विजय बहुगुणा एवं हरीश रावत के नेतृत्व वाली सरकार ने अपने कार्यकाल में राज्य आन्दोलन की भावना का सम्मान करते हुए गैरसैंण में राज्य की राजधानी की नींव रखी तथा गैरसैंण में सत्र का आयोजन कर शुरूआत की थी जिसका आज भारतीय जनता पार्टी झूठा श्रेय लेने की चेष्टा कर रही है। उन्हांेने कहा कि भाजपा ने सदैव राज्य निर्माण आन्दोलन की भावना को कुचलने का काम किया है।
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