अखिल भारतीय मानव कल्याण ट्रस्ट के महामंत्री हृदयेश सिंह ने बकरा ईद की शुभकामनायें और ईद की जानकारी दी

अखिल भारतीय मानव कल्याण ट्रस्ट के महामंत्री हृदयेश सिंह ने बकरा ईद की शुभकामनायें और ईद की जानकारी दी

कुर्बानी का पर्व बकरा ईद आने वाली 1 अगस्त को मनाई जाएगी | शुक्रवार को ईद-उल-अजहा का चांद दिखाई देगा | इसलिए इस माह की पहली तारीख को होगी और बकरीद का त्योहार 1अगस्त को मनाया जाएगा | आने वाले 1 अगस्त को ‘ईद-उल-जुहा’ दुनिया भर में धूमधाम से मनाया जाएगा | भारत में इस त्योहार को बकरीद के नाम से भी जाना जाता है क्योंकि इस दिन बकरे की कुर्बानी दी जाती है | बकरा ईद में एक बकरे की कुर्बानी देकर मनाया जाने वाला यह त्यौहार हमेशा लोगों की चर्चा का विषय बन जाता है | लेकिन जिन लोगों को इस धर्म तथा इससे जुड़े बकरीद के त्यौहार का पूर्ण ज्ञान नहीं है,वे नहीं जानते कि बकरे की कुर्बानी देने का महत्व क्या है | कुर्बानी,इस दिन कुछ लोग ऊंट की कुर्बानी भी देते हैं | इस दिन कि कुर्बानी देने के पीछे धार्मिक कथा है जिसके चलते आज के दिन बकरों की कुर्बानी दी जाती है | ये है वो कहानी के अनुसार एक बार इब्राहीम अलैय सलाम नामक एक व्यक्ति थे,जिन्हें सपने में अल्लाह का हुक्म आया कि वे अपने बेटे इस्माइल को अल्लाह की राह में कुर्बान कर दें | यह इब्राहीम अलैय सलाम के लिए एक इम्तिहान था,जिसमें एक तरफ थी अपने बेटे से मुहब्बत और एक तरफ था अल्लाह का हुक्म | लेकिन अल्लाह का हुक्म ठुकराना अपने धर्म की तौहीन करने के समान था,जो इब्राहीम अलैय सलाम को कभी भी कुबूल ना था | इसलिए उन्होंने सिर्फ अल्लाह के हुक्म को पूरा करने का निर्णय बनाया और अपने बेटे की कुर्बानी देने को तैयार हो गए थे |
कहानी के अनुसार जैसे ही इब्राहीम अलैय सलाम छुरी लेकर अपने बेटे को कुर्बान करने लगे, वैसे ही फरिश्तों के सरदार जिब्रील अमीन ने बिजली की तरह तेजी से आकर बच्चे की जगह मेमन रख दिया | जिससे बच्चे की जान बच गई | और यहीं से इस पर्व की शुरूआत हुई | ईद-उल-जुहा के दिन सभी मुस्लिम समुदाय अपने-अपने घरों में रहकर नमाज अदा करे | उसके बाद अपने मिलने-जुलने वालो को ईद की मुबारकबाद पेश करें | उसके अपने घरों कुर्बानी के लिए अगर बकरा है तो कुर्बानी करेगें वरना अमन व शांति के साथ अपने परिवार के साथ घरों में ही रहेगें | पर जो लोग कुर्बानी करेगें वह पर्दे में रखकर कुर्बानी करेगें ताकि किसी के दिल को ठेस ना पहुंचे | और जिन पर पशुओं को भारत सरकार व राज्य सरकार ने मना किया है उनकी कुर्बानी ना करें | अमन व शांति के साथ ईद-उल-जुहा मनाए |
हमारे यहां ईद-उल-जुहा की तैयारी तो पूरी हो गई है पर सरकार के तरफ से कोई गाइडलाइन जारी नही हुई है | इसलिए ईद-उल-जुहा की नमाज सभी हजरात अपने-अपने घरों में रहकर नमाज पढ़े | और मुल्क में अमन व शांति के लिए दुआ करें | व कुर्बानी बकरे की अपने घरों में पर्दे के अंदर करें | और अपस में मिलजुलकर ईद-उल-जुहा मनाए | अखिल भारतीय मानव कल्याण ट्रस्ट के पदाधिकारियों की तरफ से सभी को ईद की बहुत बहुत हार्दिक शुभकामनायें और बधाई हो

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  • Hardayes Kumar , July 30, 2020 @ 11:08 am

    Happy Eid

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